अकबर
अकबर के माता का नाम हमीदा
बानो तथा पिता का नाम-हुमायूँ था।
सर्वप्रथम अकबर को ग़ज़नी
की सुबेदारी सौंपी गई थी।
पानीपत की दसरी लड़ाई 1556 ई० में, अकबर और सूर-शासक आदिल शाह के प्रधानमंत्री हेमू के बीच ।
जब तक अकबर ने हरम दल के
प्रभाव में काम किया, तब तक के उसके शास को पेटीकोट सरकार अथवा पर्दाशासन कहा जाता है।
1562 ई० में अकबर ने दास-प्रथा पर पूर्णतः रोक लगाया था।
1563 ई० में अकबर ने तीर्थयात्रा-कर की वसूली
रोक लगाई।
1564 ई० में अकबर ने जजिया-कर पर रोक लगाई।
भारमल ने अपनी छोटी बेटी
हरखा बाई का विवाह अकबर के साथ किया था।
आमेर के राजा भारमल राजपूत
शासक ने स्वेच्छा से अकबर की अधीनता स्वीकार कर ली थी।
1576 ई० में, महाराणा प्रताप एवं अकबर के बीच हल्दीघाटी का युद्ध बीच हुआ था ।
बीरबल के बचपन का नाम महेश
दास था।
अकबर ने बीरबल को 'कविराज' एवं 'राजा' उपाधि प्रदान की थी।
बीरबल पहला एवं अन्तिम
हिन्दू राजा था, जिसने दीन-ए-इलाही धर्म को स्वीकार किया था।
बीरबल को अकबर के दरबार में
1583 ई० में न्याय विभाग का सर्वोच्च अधिकारी बनाया गया।
आईन-ए-अकबरी' के लेखक अबुल फजल है।
'अकबरनामा' के लेखक अबुल फजल हैं।
अकबर ने तानसेन को
कण्ठाभरणवाणी विलास उपाधि से सम्मानित किया था।
मियाँ की टोड़ी, मियाँ की मल्हार, दरबारी कान्हड़ा तानसेन की प्रमुख कृतियाँ हैं।
अकबर ने मनसबदारी प्रथा
शासक ने शुरू की थी।
आगरा का लालकिला अकबर
ने बनवाया था।
कबर मुग़ल शासक सर्वाधिक
धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण रखता था।
अकबर को भारत का 'राष्ट्रीय सम्राट' कहा जाता है।
अकबर को फतेहपुर सिकरी के
निकट सिकन्दरा में दफनाया (मकबरा) गया।

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