खिलजी-वंश
जलालुद्दीन
फिरोज ख़िलजी खिलजी-वंश का संस्थापक था।
गुलाम-वंश के
शासनकाल में जलालुद्दीन फिरोज खिलजी सेनापति था ।
उसने गुलाम-वंश का अन्तिम शासक
शम्सुद्दीन क्यूमर्स का वध कर दिल्ली के तख्त पर अधिकार कर नया और खिलजी-वंश की
स्थापना की।
जलालुद्दीन फिरोज
खिलजी अपराधियों को सजा के बदले उपदेश देता था।
अलाउद्दीन
खिलजी ने सिकन्दर सानी (द्वितीय), यामीन-उल-खलीफा
तथा नासिर-ए-अमीर-उल-मोमिनीन उपाधि धारण
की थी|
अलाउद्दीन
खिलजी जलालुद्दीन फिरोज खिलजी की मृत्यु के बाद दिल्ली की गद्दी पर बैठा।
दिल्ली सल्तनत
के अलाउद्दीन खिलजी शासक के शासनकाल में
गुप्तचर सेवा काफी सुदढ़ थी।
अलाउद्दीन ने
चित्तौड़ का नाम बदलकर खिज्राबाद रखा था।
अलाई दरवाजा, सीरी
का किला,
हजार खम्भा महल, जमैयत
खाना मस्जिद अलाउद्दीन खिलजी की स्थापत्यकला के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण देन है।

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