मौर्य-साम्राज्य

मौर्य साम्राज्य की स्थापना से पहले मगध का शासक धनानन्दऔर वह नंद वंश का था ।

मौर्य-साम्राज्य की स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य ने की थी।

चाणक्य चन्द्रगुप्त मौर्य का प्रधानमंत्री था ।

मौर्य-साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र थी ।

चाणक्य ने अर्थशास्त्र ग्रन्थ की रचना की थी ।

सेल्यूकस सिकन्दर महान का सेनापति एवं पश्चिमोत्तर भाग का शासक था ।

मेगास्थनीज चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में सेल्यूकस का राजदूत था ।

मेगास्थनीज ने इंडिका किताब की रचना की थी।

चन्द्रगुप्त मौर्य ने  जूनागढ़ (गुजरात) स्थित सुदर्शन झील का निर्माण किसने करवाया था|

चन्द्रगुप्त मौर्य ने अपने जीवन के अन्तिम चरण में जैन-धर्म ग्रहण किया था ।

चन्द्रगुप्त मौर्य ने मगध पर 322 ई० पू० से 298 ई० पू० तक शासन किया था ।

चन्द्रगुप्त मौर्य के बाद मौर्य-साम्राज्य का शासक चन्द्रगुप्त मौर्य का पुत्र बिन्दुसार हुआ|

यूनानियों ने बिन्दसार को अमित्रघात नाम दिया था।

बिन्दुसार के शासनकाल में अशोक उज्जैन का राज्यपाल (शासक) था ।

बिन्दुसार ने 298 ई०पू० से 273 ई०पू० तक शासन किया था ।

अशोक मौर्य-साम्राज्य का शासक 273 ई० पू०बना ।
अशोक की राजधानी पाटलिपुत्र थी ।

अशोक की माता का नाम सुभद्रांगी (धर्मा) था
अशोक को बौद्ध-धर्म में उपगुप्त नेजो बौद्ध भिक्षु था दीक्षा दी थी ।

बौद्ध-धर्म ग्रहण करने के पूर्व अशोक शैवधर्म का अनुयायी था ।

साँची का स्तूपअशोक ने बनवाया था ।

चार सिंहों के शिर्ष का स्तम्भ अशोक ने सारनाथ में बनवाया था ।

अशोक के इतिहास की सम्पूर्ण जानकारी हमें अभिलेखों से मिलती है।

अशोक के अभिलेखब्रह्मीखरोष्ठीग्रीक एवं आमाइक में लिखे गये थे ।

मौर्य-साम्राज्य के राज्यों को  पाँच राज्यों में बांटा गया था (1) उत्तरपथ-..इसकी राजधानी तक्षशिला थी, (ii) अवन्ति– कर्नाटक इसकी राजधानी उज्जयिनी थी, (iii) कलिंगइसकी राजधानी तोसली थी, (iv) दक्षिणापथ बिहार इसकी राजधानी सुवर्णगिरि थी एवं (v) मध्य देश या प्राची-इसकी राजधानी पाटलिपुत्र थी। । मगध को प्राची कहा जाता था । पाटलिपुत्र ही केन्द्रीय प्रशासन की राजधानी भी थी।

मौर्य-वंश का सबसे प्रतापी सम्राट सम्राट अशोक हुआ।

मौर्यवंश का अन्तिम शासक वृहद्रथ था |

मौर्य-वंश के बाद शुंग-वंश की नींव पड़ीशुंग-साम्राज्य की स्थापना पुष्यमित्र शुंगजो मौर्य-साम्राज्य में मंत्री था की ।