शेरशाह सूरी
शेरशाह सूरी सूर-वंश का संस्थापक था।
शेरशाह सूरी का सम्बंध
अफगानिस्तान देश से था।
शेरशाह के पिता का नाम फरीद
खाँ था।
शेरशाह बिहार के मुहम्मद
शाह नुहानी सुल्तान के यहाँ नौकरी करता था।
.शेरशाह ने रोहतासगढ़ के
किले का निर्माण करवाया था।
.शेरशाह ने बंगाल में नवीन
प्रशासनिक व्यवस्था के अन्तर्गत 'शिकदारों की नियुक्ति की
थी।
शेरशाह ने सोने, चाँदी एवं ताम्बे के प्रकार
के सिक्के चलवाये।
शेरशाह ने भूमि की माप के
लिए सिकन्दरी गज एवं सन की डंडी यंत्र का उपयोग किया था।
शेरशाह ने भारत की सबसे
लम्बी सड़क का निर्माण करवाया, जो कलकत्ता से पेशावर तक
जाती है।
शेरशाह ने कबूलियत एवं
पट्टा की प्रथा शुरू की थी।
शेरशाह ने इस लम्बी सड़क का
नाम सड़क-ए-आजम, जो अब 'ग्रैंड-ट्रंक रोड' के नाम से जाना जाता है ,दिया था।
डाक-प्रथा शेरशाह ने चलाई
थी।
राजा टोडरमल दीवान
(वित्तमंत्री) का नाम है, जो शेरशाह एवं अकबर दोनों
के दरबार में था ।

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