सिंधू घाटी सभ्यता
1. 'सिन्धु-घाटी की सभ्यता को और हड़प्पा सभ्यता,
सैंधव सभ्यता नामों से जाना जाता है
2. इस सभ्यता का प्रथम अवशेष हड़प्पा में प्राप्त हुआ था। इसलिये इस सभ्यता को 'हड़प्पा सभ्यता' कहा जाता है. इस सभ्यता का फैलाव उत्तर में जम्मू से लेकर दक्षिण में नर्मदा नदी के मुहाने तक और बलुचिस्तान के मकरान समुद्र-तट से लेकर उत्तर-पूर्व में मेरठ तक तक था ।
३. भारत के राजस्थान,
गुजरात, पंजाब,
हरियाणा, जम्मू-कश्मीर एवं पश्चिमी उत्तर राज्यों में हड़प्या-सभ्यता का विस्तार था
4. सिन्धु-घाटी की सभ्यता की खोज का श्रेय राय बहादुर दयाराम साहनी को जाता है ।
5. सर जॉन मार्शल, जो पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक थे, निर्देशन में सिन्धु-घाटी की सभ्यता की खुदाई कराई गई |
6. मोहनजोदड़ो की खोज 1922
ई० में और राखाल दास बनर्जी ने की थी
7. मोहनजोदड़ो का अर्थ मुर्दो का टीला होता है और मोहनजोदड़ो की सबसे बड़ी इमारत अनागार है ।
8. सिन्ध-घाटी के मोहनजोदड़ो नगर में नृत्यरत
नारी के ताम्बे की मर्ति
मिली है
9. मोहनजोदड़ो का क्षेत्रफल
लगभग एक वर्गमील है और बुने हुए
सूती कपड़े के टुकड़े का
अवशेष सिन्धु-सभ्यता स्थल से
मिला है
१ 10 हड़प्पा
की खोज दयाराम साहनी ने, 1921
ई० में की और
हड़प्पा रावी नदी के किनारे स्थित है
11. मजदूरों
को रहने के लिए दो
कमरों वाले बैरक सिन्धु-सभ्यता के
हड़प्पा स्थल पर पाये गये हैं, हड़प्या नगर
की संरचना पाँच किलोमीटर के घेरे
में किलोमीटर के घेरे
में फैली हुई है |
12. कालीबंगा
राजस्थान में,स्थित है घग्घर
नदी के किनारे काले रंग की
मिट्टी की चूड़ियाँ सिन्धु-सभ्यता के
स्थल पर मिली हैं
,शायद
इसी कारण इसका नाम कालीबंगा
पड़ा, कालीबंगा में
घर कच्ची ईंट से प्रकार की
ईंटों से बने हुए थे |
13. बनमाली हरियाणा के
हिसार जिले में स्थित
है,
बनमाली सरस्वती नदी के
किनारे स्थित था |
14. रोपड़ पंजाव क चंडीगढ़ के
निक स्थित है, और रंगपुर गुजरात में स्थित
है,
आलमगीरपुर उत्तर प्रदेश के मेरठ
जिले में स्थित है
15. सुरकोटदा गुजरात के कच्छ स्थित
है
16. मोहनजोदड़ो और हड़प्पा के बीच की दूरी लगभग 483 किलोमीटर थी
17. सिन्धु-घाटी की सभ्यता के सभी नगरों में सभी मकान के आकार आयताकार प्रकार के था
18. सिन्धु-घाटी की सभ्यता में आग में पकी मिट्टी को टेराकोटा कहा जाता
था। सिन्धु-घाटी
के लोगों का मुख्य भोज्य-पदार्थ
गेहूँ और जौ था?
19. सिंधू-घाटी की
सभ्यता के लोग पत्थर चीज से
बनी हँसिया का प्रयोग
करते थे
20. सर्वप्रथम
कपास पैदा करने का श्रेय सिन्धु
घाटी सभ्यता के लोगों
को जाता है ।
21. सिन्धु-घाटी-सभ्यता में राजस्व के रूप में किसानों मे अनाज लिया जाता था ।
22. सिन्धु-घाटी सभ्यता के लोगों
का सर्वप्रिय पशु कूबड़वाला साँड़ था
23. सिन्धु-घाटी के लोग
सूती और ऊनी प्रकार
के कपड़ों का वस्त्र पहनते
थे
24. सिन्धु-घाटी के
लोगों का मुख्य पेशा व्यापार, शिल्पकारी था
25. सिन्धु-घाटी के लोग
पशुपति देवता की पूजा
करते थे
26. सिन्यु-घाटी-सभ्यता की इमारतें
पकी हुई इंटों की बनी
होती थीं, जिन्हें टेराकोटा
कहा जाता था, चीज की
बनी होती थीं ।
27. सिन्धु-घाटी के
लोग मूर्तियों को लाल एवं
काला रंग से रंगा करते
थे
28. सिन्धु-घाटी के निर्माता
द्रविड़ लोग थे ।
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