सिसोदिया-वंश

सिसोदियावंश के शासक भारत के मेवाड़, जो राजस्थान में है भूभाग पर शासन करते थे।

सिसोदियावंश के प्रमुख शासक राणा कुम्भा, राणा संग्राम सिंह, महाराणा प्रताप थे।

राणा कुम्भा ने अपनी विजय के उपलक्ष्य में विजय-स्तम्भ का निर्माण करवाया था।

खतोली का युद्ध राणा सांगा और इब्राहिम लोदी के बीच हुआ था
महाराणा प्रताप के घोड़े का नाम चेतक था।

हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई० में, मुगल सम्राट अकबर और महाराणा प्रताप के बीच हुआ था।

                 महमूद ग़ज़नवी

गजनवी राजवंश की स्थापना अल्पतगीन ने की थी।

महमूद ग़ज़नवी सुल्तान की उपाधि धारण करने वाला पहला तुर्क शासक था।

महमूद गजनवी ने भारत पर 17 बार आक्रमण किया था।

महमूद गजनवी को यमीन-उद-दौला तथा यमीन-उल-मिल्लाह की उपाधियों से बगदाद के खलीफ़ा अलकादिर बिल्लाह ने विभूषित किया था।

अलबरूनी प्रसिद्ध इतिहासविद्.गणितज्ञ, भूगोलवेत्ता, खगोलशास्त्री एवं दर्शनशास्त्री थे, जो भारत-आक्रमण के समय महमूद ग़ज़नवी के साथ भारत आये थे।

लबरूनी फ़िरदौसी 'शाहनामा' नामक पुस्तक की रचना किसने की थी।

मुहम्मद गौरी

मुहम्मद गौरी का पूरा नाम शहाबुद्दीन उर्फ मुइजउद्दीन मुहम्मद गौरी था ।

भारत में तुर्क राज्य की स्थापना मुहम्मद गौरी ने की थी।

तराईन का प्रथम युद्ध 1191 ई० में  हुआ  पृथ्वीराज चौहान तथा मुहम्मद गौरी के बीच ।

तराईन का द्वितीय युद्ध 1192 ई० में, पृथ्वीराज चौहान और मुहम्मद गौरी के बीच । इस युद्ध में पृथ्वीराज चौहान बुरी तरह परास्त हुआ था और उसकी हत्या कर दी गई थी।

कुतुबुद्दीन ऐबक मुहम्मद गौरी का गुलाम एवं उसका सेनापति था ।

भारत में गुलाम-वंश की स्थापना कुतुबुद्दीन ऐबक ने की।

गुलाम-वंश के कुतुबुद्दीन ऐबक को शासक को लाख बख्श कहा जाता है|

दिल्ली में कुतुबमीनार की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने शासक ने रखी थी।

कुतुबुद्दीन ऐबक ने दिल्ली में कुव्वत-उल-इस्लाम' नामक मस्जिद का निर्माण करवाया था।

कुतुबुद्दीन ऐबक ने अजमेर में 'ढाई दिन का झोपड़ा' का निर्माण करवाया था।

लाहौर में चौगान ( पोलो) खेलते समय घोड़े से गिरकर तुबुद्दीन ऐबक की शासक की मृत्यु हुई थी।

इल्तुतमिश


इल्तुतमिश दिल्ली की गद्दी पर 1211 ई० में बैठा था।

गुलाम-वंश का शासक बनने के पूर्व इल्तुतमिश बदायूँ का सूबेदार था।

इल्तुतमिश कुतुबुद्दीन ऐबक का गुलाम और दामाद था, पहला तुर्क सुल्तान था, जिसने शुद्ध अरबी सिक्का चलवाया था।

इल्तुतमिश गुलाम-वंश के शासक ने अपने नाम से चाँदी के सिक्के चलवाये थे।

इल्तुतमिश गुलाम-वंश के शासक ने 'इक्ता व्यवस्था' का प्रचलन किया था।

इल्तुतमिश ने  गुलामवंश के शासक ने 'तुर्कान-ए-चिहलगानी' प्रथा शुरू की थी।

                     रजिया सुल्ताना

रजिया सुल्ताना दिल्ली की गद्दी पर 236, ई० में बैठी।

रजिया सुल्तानापहली मुस्लिम महिला थी, जिसे दिल्ली की गद्दी पर बैठाया गया था।

सर हिन्द (भटिण्डा) के अक्तादार अल्तूनिया द्वारा किये गये विद्रोह को कुचलने के लिए रजिया सुल्ताना को भेजा गया था|

रजिया सुल्ताना एवं अल्तूनिया की बहराम शाह ने कैथेल के समीप दोनों की हत्या कुछ डाकुओं द्वारा करवा दी ।

बलबन का दरबारी कवि फारसी कवि अमीर खुसरों एवं अमीर हसन  था।

अमीर खुसरो ने सरोद एवं सितार वाद्ययंत्र का अविष्कार किया था