आदि मानव काल
1.प्राचीन भारतीय इतिहास जानने के दो स्रोत हैं-(i) लिखित (ii) अलिखित
2. लिखित इतिहास के स्रोत (i)धर्मग्रंथ,(ii)ऐतिहासिक एवं समसामयिक ग्रंथ तथा (iii) विदेशियों के विवरण हैं।
3. अलिखित इतिहास के स्रोतपुरातत्त्व,भौतिक अवशेष एवं सिक्के हैं |
4. इतिहास को 3 वर्गों में विभाजित किया
गया है (i)
प्राक्-इतिहास
या प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Age),
(ii) - ऐतिहासिक काल (Historic
Age) तथा (iii)
आद्य-ऐतिहासिक
काल (Proto-historic
Age)
5. मानव के विकास के
उस काल को, जिसका लिखित विवरण उपलब्ध
है, - ऐतिहासिक काल कहा जाता है।
6. पाषाण युग (काल)
को 3 भागों
में विभाजित किया गया है
(i) पूर्वपाषाण काल (Paleolithic Age),
(ii) मध्यपाषाण
काल (Mesolithic Age)
तथा (iii)
नवपाषाण काल.
7. पूर्वपाषाणकाल में मनुष्य गुफाओं
में एवं घने वृक्षों के
नीचे रहते थे|
8. आग पूर्वपाषाणकाल काल की
देन है ।
9. आदि मानव ने सबसे पहले
आग जलाना सीखा |
10. आदि मानव ने सर्वप्रथम कुत्ता
को पशु को पालतू
बनाया था
11. आदि मानव की सबसे महत्त्वपूर्ण
खोज पहिया थी |
12. महाराष्ट्र के बोरी
नामक स्थान पर मिले अवशेष
पूर्वपाषाणकाल काल के हैं|
13. पूर्वपाषाणकाल के अवशेष भारत के
सिंगरौली घाटी (मिर्जापुर), बेलन घाटी (इलाहाबाद), भीम बेटका (भोपाल स्थानों में
पाये गये हैं |
14. पूर्वपाषाणकाल में उपयोग
में आनेवाले उपकरण (बर्तन) क्वार्टजाइट के बने
होते थे ।
15. मध्यपाषाणकाल में प्रयुक्त
होनेवाले बर्तन जैस्पर, एगेट एवं चर्ट के बने होते
थे
|
16. मध्यपाषाणकाल में प्रयुक्त
होनेवाले बर्तन को माइक्रोलिथ कहा जाता था |
17. मध्यपाषाणकाल के बर्तनों
के अवशेष भारत के मालवा, गुजरात, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, आन्ध्र प्रदेश
एवं मैसूरा स्थानों पर पाये
गये हैं |
18. मनुष्य ने नवीन
पाषाणयुग में एक स्थान
पर स्थायी रूप से निवास
करना किस युग में सीखा |
19. नवीन पाषाण युग में पत्थर
की कुल्हाड़ी एवं हसिया प्रकार के
औजार उपयोग में आते थे|
20. वस्त्र बुनने की
कला नवीन पाषाण युग में युग में
शुरू हुई
21. कृषि का आविष्कार एवं
चाक का आविष्कार नवीन पाषाण
युग में युग में
हुआ था ।
22. भारत के सिंध और बलूचिस्तान
की सीमा पर भाग में
कृषि-कार्य
का पहला साक्ष्य मिलता है|
23. फसल काटने के औजार -नवपाषाण काल में
बनाये गये थे ।
24. जिस युग में मनुष्य ने छोटे-छोटे पत्थरों
के औजारों के साथ-साथ धातु
का उपयोग शुरू कर दिया, उसे ताम्रया
या काँस्यवगा (तान-पाषाणयुग) कहते है ।
25. धातुयुग में मनुष्य
का मुख्य पेशा खेती था|
26. भारत
की प्राचीन भाषाएँ
संस्कृत एवं प्राकृत हैं|
27. संसार का प्राचीन इतिहास शास्त्रीय
भाषाओं में भाषाओं में
लिखा गया है|
28. प्राचीन यूरोप में पुस्तकें
यूनानी तथा लैटिन भाषाओं में लिखी
जाती थीं|
29. प्राचीनकाल के अवशेषों का
संग्रह एवं अध्ययन पुरातत्व विभाग विभाग
द्वारा किया जाता है |
30. सम्राट अशोक के शासनकाल
में शिलाओं तथा स्तम्भों पर भारत के सभी राज्यों में लेख खुदवाये गये थे |
31.
पश्चिम एशिया के बोगचकोई अभिलेख से प्राचीन भारत के इतिहास की जानकारी मिलती है|
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